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प्रशिक्षण की व्यवस्था

पिछले वर्षों के प्रशिक्षण अनुभव से यह स्पष्ट हो गया है कि व्यवसायिक प्रशिक्षकों द्वारा छात्रों को दी गई प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ही आगे काम आती है। इसलिए प्रशिक्षण व्यवस्था पूरी तरह प्रैक्टिकल सिस्टम पर आधारित रखी गई है। प्रशिक्षक सिस्टम की कार्य प्रणाली ब्लैक बोर्ड पर छात्रों को समझाकर प्रैक्टिकल आरम्भ कर देता है। जिन सिद्धान्तों को नोट करने की आवश्यकता है वे पुस्तक और सेमेस्टर के रूप में संस्था द्वारा प्रकाशित किये गये हैं। छात्र इनसे अपना थ्योरी लिखने का समय बचा सकते हैं। कम थ्योरी वाले कोर्सो के लिए पुस्तक की आवश्यकता नहीं है।

प्रवेश के लिए पात्रता


15 वर्षों से ऊपर की उम्र के कोई भी स्त्री-पुरुष जो तकनीकी क्षेत्र में रुचि रखते हों और जिन्हें हिन्दी/English का ज्ञान हो प्रवेश ले सकते हैं। कम्प्यूटर कोर्सों के लिए हाई स्कूल पास होना आवश्यक है।

प्रशिक्षण की गारन्टी


यदि छात्र परिश्रमी है, तो उसे पूर्ण प्रशिक्षित करने की गारन्टी संस्था देती है। अर्थात् एक बार कोर्स का सम्पूर्ण शुल्क जमा कर देने के बाद छात्र अपनी संतुष्टि होने तक पुनः निःशुल्क पढ़ सकता है वशर्तें छात्र की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम न हो व उसका आचरण संतोषजनक हो।

नये सत्र


प्रत्येक माह की 16 तारीख से नये बैच प्रारम्भ होते हैं, जिनमें उपलब्ध स्थानों के अनुसार प्रवेश दिया जाता है।

प्रशिक्षण का समय


प्रातः 7 से 9 अथवा 9 से 11
दोपहर 11 से 1 अथवा 1 से 3
सायं 3 से 5 अथवा 5 से 7

प्रवेश कैसे लें


प्रत्येक कोर्स के लिए निर्धारित आवेदन पत्र सत्र आरम्भ होने से न्यूनतम 15 दिन पूर्व भरकर प्रवेश शुल्क के साथ संस्था में जमा करना होता है।

शुल्क विवरण

प्रवेश आवेदन पत्र रु. 100/- प्रवेश शुल्क रु. 400/-


अन्य शुल्क


1. पुनः प्रवेश शुल्क रु. 200/-
2. सेमेस्टर परीक्षा शुल्क रु. 100/-
3. फाइनल परीक्षा शुल्क रु. 600/-
4. फीस विलम्ब शुल्क रु. 10/- प्रति दिन
5. अनुपस्थिति दण्ड रु. 10/- प्रति दिन
6. पुनः प्रमाण पत्र प्राप्ति शुल्क रु. 250/-
7. पुनः अंकपत्र प्राप्ति शुल्क रु. 200/-
8. पुर्नमूल्यांकन शुल्क रु. 200/-प्रति उत्तर-पुस्तिका

(प्रशिक्षण शुल्क: कोर्स के अनुसार)

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